Showing posts with label khwab shayri in hindi. Show all posts
Showing posts with label khwab shayri in hindi. Show all posts

Wednesday, 16 August 2017

August 16, 2017

khwab shayari

आज फिर से दिल ने तेरा नाम पुकारा है,
   अगर थोड़ा सा ख्याल हो तो ख्वाब में आ जाना। 



वो हर रोज मुझसे पूछती है ,
 ख्वाब किस -किस के देखते है.. 
पर उसको  कोन समझाए  हर ख्वाब में,
   उसका ही चहेरा नजर आता है। 



बिछड़ कर हम आपसे  मिलेंगे यकीं कितना था,
  मेरा ख्वाब ही सही मगर हसीन कितना था। 


सुबह टुकड़े मिले थे हमे हमारे तकिए  के निचे ,
    ख्वाब थे जो टूट कर गिर गए थे। 




नींद से जाग कर  ढूंढ़ता हु आस पास तुम्हें ,
  को इतने पास आ  जाते हो तुम...?



ख्वाब आखो से गए ,
नींद रातो की उड़ गई.. 
ओ जिंदगी से गई,
जिंदगी हाथो से गई।